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One Ginger Has Many Benefits Hindi एक अदरक फायदे अनेक हिन्दी

 One Ginger Has Many Benefits Hindi  रू हेल्थकेअर में आपका चहे दिल से स्वागत है 

मोंसम बदलता है तो उसका फरक हमारे शरीर स्वास्थ पर पडता है सुरुवात में हमें सर्दी, खाँसी, जुकाम से  होती है। 

सुरुवात होतेही हमें इसें रोखा तो अच्छा होता नही तो वह बढता है और हमें स्वास्थ की पराशानीयों का सामना करना पडता है।

सुरूवात में ही अदरक का सेवन करनेसें हमें कई बिमारीयों से बचाता है तो जानना जरूरी हैअदरक के अंदर क्या गुण है जीसे हमें लाभ होता हैं।

One Ginger Has Many Benefits Hindi

One Ginger Has Many Benefits Hindi

One Ginger Has Many Benefits Hindi
अदरक के पोषक तत्वों की बात करें तो कार्बोहाइड्रेट (18 ग्राम प्रति 100 ग्राम), प्रोटीन 2 ग्राम प्रति 100 ग्राम), विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे जरूरी तत्वों का भंडार अदरक में है।
 
अदरक का ताजा रस पीने से मुत्र संबंधी रोगो का निवारण होता है।

अदरक एवं गुड़ मिलाकर मट्ठे (छाछ) के साथ पिने से पोठ और कमर दर्द में आराम मिलता है।

अदरक का रस शहद में मिलाकर लेने से क्षय रोग में फायदा होता है। 'One Ginger Has Many Benefits Hindi'

हिचकी आने पर अदरक का तुकडा मुंह में रखकर चुसने से आराम मिलता है।

अगर किसी व्यक्ती का जी मिचाता रहा या उल्टी हो रही है, अदरक एवं प्याज का 10 ग्राम रस मिलाकर पीने से फायदा होता है।

शीतपित्त यानी जिससे त्वचा पर लाल चकत्ते हो जाते है,उसमें अदरक का रस गुड़ के साथ सेवन करने से लाभ होता है। One Ginger Has Many Benefits Hindi

यदी किसी व्यक्ति को भुख नही लग रही है, और गला भी सफा नही है तो अदरक के छोटे छोटे तुकडे शेंदा नमक से खाने से फायदा होता है।

अगर वात की शिकायत है तो सब्जियों मैं नियमत रूप से अदरक का उपयोग करें।

किसी हूई अदरक, अजवाईन, काला नमक और आवला के तुकडे करके उसकों मिला कर सुखा लें और खाना खाने के बाद सुपारी जैसा खाये खाना अच्छा पचता है और गैस से राहत मिलती है।

"One Ginger Has Many Benefits Hindi"

हमने जो भी जानकारी अदरक के फायदे के बारे में दि है उसमें अगर कुछ गलत है तो हमें Comment करके बताई

हम उसमें बदलाव करेंगें या आपको सभी जानकारी और सुझाव अच्छे लगें तो हमे  Comment जरूर करें दोस्तों में Share करें।
आप सदा मुस्कूराते रहै सदा स्वस्थ रहै आपका दिल से धन्यवाद 


What Is Heart Disease @ Solution Hindi हदय रोग क्या है और उपचार हिन्दी

 What Is Heart Disease @ Solution Hindi   रू हेल्थकेअर में आपका चहे दिल से स्वागत है हम इस लेख में हदय और हदयरोग का कारण, लक्षण,प्रकार, घरेलू उपचार इस विषय में महत्वपूर्ण जानकरी और सुझाव की चर्चा करेगें

हम जिसे हरपल महसुस करते है हमारी हर श्वास लेते समय हम जिसे महसुस करते है वह हमारा दिल है हमारे दिल हर धडकन को हम महसुस करते है दिल को हदय भी कहते है।

हम ने अपनी जिंदगी भागदौड वाली बना ली उस मे  असमय और हमारा गलत खानपान की वजह से हमे दिल की याने हदय की बिमारीयों की परेशानी झेलनी पडती है।

हमारा गलत समय पर खान पान है उसमे भी आजकल हर चिज मे मिलावट के बहुत से कारणो की वजह है  हम खाने में रिफाइंड, डबल रिफाइंड, फिल्टर तेल रोजना इस्तेमाल करते है l

निसर्ग ने हमे बहूत सुंदर शरीर दिया और शरीर में ऊर्जा निर्माण करने के लिएं हमें अच्छा अनाज और फल दिऐ उसे हम फिल्टर करके इस्तेमाल करते हैं।

रसायानीक और केमिकल प्रक्रिया की गई खादय पदार्थ हम निजीजिवन मे इस्तेमाल करते है।

Table of Content 

हृदय रोग के प्रकार - 

हृदय रोग का कारण - 

हृदय रोग के लक्षण -

पुरुषों में हदय रोग के लक्षण-

महिलाओं में हृदय रोग के लक्षण-

हृदय रोग के घरेलू उपचार -  

हृदय रोग से बचाव के तरीके -  

हृदय रोग में क्या खाना चाहिए ? -  

हृदय रोग में क्या नहीं खाना चाहिए ? - 


What Is Heart Disease @ Solution
What Is Heart Disease @ Solution Hindi 


What Is Heart Disease @ Solution Hindi

हदय रोग क्या है 
What Is Heart Disease
शरीर का महत्वपूर्ण अंग हदय है हदय से रक्त का शुद्धी करण होता है हदय पंप करके रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है एैसे समय वाहिकोयों में कूछ बिघाड होता है तो हदय पर उसका असर होता है और हदयरोग का कारण बनता है।


हदय रोग के निम्मलिखित कई प्रकार है 
Types of Heart Diseases

1) कोरोनरी धमनी रोग : - धमनियो में मैल जमा होने के कारण हदय के रक्त प्रवाह में रूकावट निर्माण हो जाती है इस वजह से हदय फैल का खतरा बढाता है।

धमनियो मे कैल्शियम कणों के जमा होने के कारण कोरोनरी धमनी रोग होता है इस तरह कोलेस्ट्रॉल के कण धमनियोकी दिवारों पर जमा होने के कारण कोरोनरी धमनी रोग होता है।

हदय की धमनीयां सिकुड जाती है कणों के जमा होने के कारण और ब्लड का प्रवाह कम होता है और हदय को ब्लड उचित मात्रामें नही मिलता यह हदय रोग का कारण बनता है।

2 )हाइपरटेंसिव हृदय रोग : -
 उच्च रक्तचाप होने के कारण होने वाला हृदय रोग है। उच्च रक्तचाप हदय और रक्त वाहिकाओं को भारी कर देता है इसकी वजह से हदय की बीमारियां होती हैं।

हृदय को जल्दी रक्त पंप करने के लिए दबाव बढ़ता है जो दूसरी गंभीर स्थितियों का कारण बनता है। उच्च रक्तचाप के कारणों में से एक धमनियों का संकुचित होना है। संकीर्ण धमनियों का मतलब यह होता है कि कम जगह में रक्त को स्थानांतरित किया जा रहा हो। एक विस्तारित अवधि में उच्च रक्तचाप का मतलब कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है। ऐसे ही उच्च रक्तचाप के कारण हाइपरटेंसिव हृदय रोग हो सकता है।

3 ) रुमेटिक हृदय रोग : -
हृदय की ऐसी अवस्था है हदय रूमेटिक बुखार के कारण डैमेज होता है स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया के कारण गले के संक्रमण से इसकी सुरूवात होती है इसका जल्द और अच्छा र्इलाज कराया तो ठिक होता है नही तो यह बैक्टीरिया ब्लड के माध्यम से हृदय तक पहुंच जाते और हृदय के वाल्व को डैमेज कर देते हैं।

 5 से 15 वर्ष के बच्चों को  रूमेटिक बुखार प्रभावित करता है, यह वयस्कों को भी क्षति पोहचा सकता है।

4 ) जन्मजात हृदय रोग : -
कंजेनाइटल जन्मजात हदय रोग यह बच्चे का जन्म होता है उस समय पता चलता है या कभी कभी बच्चे बडे हो जाते है तब तक पता नही चलता है।

हदय की दीवारों, हृदय वाल्व या ब्लड वाहिकाओं में से किसी को भी प्रभावित कर सकता है जिस कारण हृदय से ब्लड के प्रवाह में बदलाव आ जाता है और विभिन्न प्रकार की समस्याओं का कारण बनता है। हालांकि, कुछ जन्मजात हृदय दोष ऐसे भी हैं जो शरीर को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करते हैं। 

5) हदय संक्रमण :-हृदय संक्रमण यह एक गंभीर संक्रमण है जो हदय को बुरी तरह क्षती पहुंचा सकता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण हो सकता है।

एंडोकार्डियम, मायोकार्डियम और पेरिकार्डियम जैसी तीन परतों सें हमारा हृदय बना होता है इनमें से कोई भी परत  बैक्टीरिया, वायरस से द्वारा संक्रमित हो सकती है।

6) कार्डियक अस्थमा हदयरोग : -कार्डियक अस्थमा हदय की एक ऐसी अवस्था  है जिसमें हृदय की बाईं ओर से रक्त पंप करने की क्षमता कम हो जाती है। रक्त पंप करने की शक्ती का कम होना हदय के विफल होने का कारण बन सकता है।



हदय रोग के लक्षण =>
Heart Disease Symptoms 

1) कोरेनरी हदय रोग के लक्षण : -
Symptoms of coronary heart disease 
सांसो का फूलना और सीने मे दर्द होना यह लक्षण आम तौर पर दिखते है
पुरूषों = पुरुषों मे पसीना आना, सिर का भारी होना,मतली या अपच होना, गर्दन में दर्द   चक्कर आना कोई कार्य करते के समय सांस लेने में दिक्कत होना निद्रा की संबंधी परेशानियां  से पता चल सकता हैं।

महिलाओं में :- महिलाओं में भी पुरुषों जैसे लक्षण से दिखाई दे सकते है
पसीना आना, सिर का भारी होना,मतली या अपच होना, गर्दन में दर्द   चक्कर आना कोई कार्य करते के समय सांस लेने में दिक्कत होना निद्रा की संबंधी परेशानियां से पता चल सकता हैं।
अच्छा आराम करने के बाद भी बैचेनी और सिने में दर्द हो रहा है तो यह हदयरोग का संकेत है।


2) हाइपरटेंसिव हृदय रोग के लक्षण :-
Symptoms of Hypertensive Heart Disease 
सिर दर्द, सांस लेने में परेशानी, सिर चकराना, नाक से खून आना, पेशाब में खून आना, देखने की क्षमता में बदलाव, छाती में अचानक दर्द, बेहोशी, पैरों में सूजन पैदा होना

3) रुमेटिक हृदय रोग के लक्षण : -
  Symptoms of Rheumatic Heart Disease)
स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया के कारण रुमेटिक बुखार आता है इसकी वजह से हृदय और उसके वाल्वों की क्षती होती है।

सांस लेने में तकलीफ होती है,बुखार,जोड़ों में दर्द,छाती में दर्द,अत्यधिक थकान,घबराहट,बैठे समय भी सांस में तेजी,सूजी हुई टखनों, कलाई या पेट,छाती, पीठ और पेट पर दर्द लक्षण शामील है।

4 ) जन्मजात हृदय रोग के लक्षण : -
Symptoms of Congenital Heart Disease 
शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण होंठ, त्वचा या नाखूनों पर नीला रंग बैठे समय भी सांस में तेजी, असामान्य हृदय ताल,पैरों, पेट और आंखों के आसपास सूजन,भोजन के दौरान शिशुओं में सांस की तकलीफ,अत्यधिक थकान,व्यायाम के दौरान बेहोशी,हाथ, टखनों या पैरों में सूजन आदी लक्षण दिखाई देते है।


5) हदय संक्रमण हदयरोग के लक्षण :-
 Symptoms of  Heart infections
 सांस लेने के साथ,खांसी,थकान,बुखार,सीने में दर्द, ठंड लगना और पसीना,अस्वस्थ होने की सामान्य भावना,मांसपेशी में दर्द,बैठे समय भी सांस में तेजी,पेट या निचले छोरों में सूजन,भ्रम की स्थिति अचानक दृष्टि में परिवर्तन,शरीर या चेहरे के एक तरफ अचानक कमजोरी, सुन्नता या लकवा

6) कार्डियक अस्थमा हदयरोग के लक्षण : -
   Symptoms of Cardiac Asthma
फेफड़ों से घरघराहट  की आवाज आना, सांस में कमी महसूस होना, खाँसी होना, थूक के साथ खून का आना, झागदार थूक निकलना, सोने के समय सांस लेने में तकलीफ होना, सांस लेते समय सीटी की जैसी आवाज आना, दिन के मुकाबले रात में ये लक्षण जादा दिखाई देते है।
कार्डियक अस्थमा हदय की एक ऐसी अवस्था है जिसमें हृदय की रक्त पंप करने की शक्ती कम हो जाती है। कारण फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने की वहज से रोगी को सांस लेने में दिक्कत और धबराहट जैसा महसुस होता है। कार्डियक अस्थमा के अधिकांश लक्षण दमा के लक्षण से मिलते हैं।
What Is Heart Disease @ Solution Hindi 

हदय रोग के कारण 
Causes of Heart Diseases

हदय रोग के निम्मलिखित कूछ कारण है जिसे हमे जानना होगा

उम्र -  हमारी बढ़ती उम्र के कारण धमनियों के संकुचित होने का खतरा बढ़ जाता जिस वजह से हृदय की मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं। व्यक्ति की उम्र बढ़ने के साथ ही हदय की बीमारियों का खतरा भी अधिक हो सकता है।

लिंग - डॉक्टर का ऐसा मानना है कि महिलाओं की तुलना में यह हदयरोग पुरुषों में अधिक मात्रा में पाया जाता है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में इस हदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है।

धूम्रपान - धूम्रपान करने वालों में हदयरोग का खतरा ज्यादा होता है तंबाखु में जो निकोटिन होता है वह आपकी रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है और कार्बन मोनोऑक्साइड उनकी आंतरिक परत को नुकसान पहुंचाता है।
ज्यादा मदयपान करने से हदयरोग का खतरा बढ़ता है।

उच्च रक्तचाप - अनियमित उच्चरक्तचाप के होने से आपकी धमनिया सख्त और मोटी हो सकती हैं इस वजहसें वाहिकाएं संकुचित होती हैं। और हृदय रोगों का बढता है।

हाई कोलेस्ट्रॉल - आपके रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढता है तो  एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा भी बढ सकता है।
शुगर - आपको शुगर यानी मधूमेह की समस्या है तो आपके हृदय रोग का खतरा हो सकता है।

मोटापा- आप का बढ़ता हुआ मोटापा हृदय रोगों के अन्य जोखिम कारकों की स्थिति को बिगाड़ सकता है।

गलत खानपान - हमारा गलत खानपान जैसे ज्यादा वसा वाली चीजें, नमक और चीनी का इस्तेमाल करते हैं जंकफुड(पिज्जा,बर्गर) का सेवन ज्यादा कराने से आपके लिए हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकते हैं।

अनुवांशिक - हृदय रोग में अपनी अनुवांशिक अवस्था कोरोनरी धमनी की बीमारी का खतरा बढ़ाती है। परिवार में माता-पिता को हुआ हो तो बच्चों को होने की आशंका रहती है।

तनाव - मानसिक शारीरीक तनाव हमारे शरीर में कई बीमारियों को जन्म देता है। बढते तनाव के कारण हमारी धमनियों को नुकसान पहुंच सकता है जिस से हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।


 हदय रोग निवारण हेतु घरेलू उपाय
Home Remedies to Prevent Heart Diseases

ऐसे कई घरेलू नुस्खे हैं जिसके इस्तेमाल से हम हदय रोग की बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं

लौकी :-  लौकी बेहद फायदेमंद है जो हमारे खून में अम्लता को कम करती है। रोजाना लौकी के जूस पिऐ या सब्जी बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं 

हदयरोग का आयुर्वेदिक इलाज के लिए क्षारीय वस्तुएं खाने की सलाह दी जाती है। इससे ब्लड में अम्लता घट जाती है और ब्लॉकेज खुल जाती है। 


लहसुन -  लहसुन हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल और कोरोनरी हार्ट डिसीज़ के उपचार के लिए बहुत अच्छा होता है। लहसुन का इस्तेमाल ब्लड को पतला करने के लिए किया जाता है इससे एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या कम होती है

लहसुन के इस्तेमाल से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा रहता है। आप रोजाना दो से तीन ताजा लहसुन की कलियां खा सकते हैं। या आप लहसुन के सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।


बादाम :- एक रिसर्च हूआ तो पाया गया कि जो लोग हर हफ्ते 150 ग्राम बादाम का सेवन करते हैं उने हृदय रोग होने की संभावना बहूत कम होती है इसलिए आम अपनी डाइट में रोजाना मुट्ठी भर बादाम शामिल करें। पर ध्यान रहे कि अत्यधिक मात्रा में इनका सेवन न करें क्योंकि इनमें वसा होती है इससे आपका वजन बढ़ सकता है।
जीन लोगों को सीने में जलन की समस्या है वह लोगों के लिए बादाम या बादाम दूध का सेवन करना अच्छा है सीने की जलन कम करता है जीने खाना खाने के बाद सीने में जलन या दर्द की समस्या होती है और  इसका कारण एसिड रिफ्लक्स या गर्ड भी हो सकता है।


हल्दी : - में करक्यूमिन नामक तत्व होता है हल्दी हृदय को स्वस्थ रखने में मदत करती है साथ ही हमें एथेरोस्क्लेरोसिस से बचाने में भी मदद करती है। हल्दी हमारे अंदर के कोलेस्ट्रॉल को भी कम करती है। आप रोजाना खाने में एक छोटी चम्मच हल्दी का प्रयोग करें। हल्दी को दूध या पानी में मिलाकर आप पी सकते हैं। दिन में आप दो से तीन बार हल्दी का सेवन कर सकते है।




अलसी - ओमेगा 3 फैटी एसिड अलसी में जादा मात्रा में होता है हृदय रोग की बीमारियों के जोखिम को कम करता है। अलसी के बीज हमारे लाल रक्त कोशिकाओं को एक होने से रोकते हैं। रोज के आहार में 1 से 2 चम्मच अलसी के बीज शामिल कर सकते हैं।



ग्रीन टी : - ग्रीन टी में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करती है
उच्च रक्तचाप को भी कंट्रोल करने में हमें साहय करती है। हृदय रोगों से बचाव के लिए रोजाना ग्रीन टी जरूरी पिऐ। कोरोनरी हदय रोग से बचाने के लिए बेहतर उपाय है।





हदयरोग से बचाव के कूछ घरेलू सुझाव : -
How to Prevent from Heart Diseases

योग्य खानपान(आहार) :- अपने रोज का आहार पर ध्यान दे हरि सब्जिया, फल, साबूत अनाज ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त आहार सेवन करें और कम वसा वाले डेरी प्रोडक्ट सेवन करें जिसमें जादा नमक और चिनी है उसका आहार में उपयोग कम करें।

मदयपान और धूम्रपान : - अगर हदय रोग से बचाव करना है तो मदयपान और धूम्रपान को त्याग दे इससे उच्च रक्तचाप बढ़ता है हमारे हदय को राक्त पंप करनें में जादा शक्ती लगाती है हदय कमजोर होता है
रक्त के लिए शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन ले जाना कठिन होता है इसलिये मदयपान धूम्रपान छोड दे।

योगासन : -अंजुली मुद्रा ,शवासन ,ताड़ासन, वृक्षासन, ऊथिताहस्तपादासन,त्रिकोणासन,वीरभद्रासन, उत्काटासीआसन,मार्जरीआसन,अधोमुखोस्वानआसनभुजंगासन,धनुरासन सेतुबंधासन, सालंबसर्वागासन,  अर्धमत्स्येन्द्रासन, पश्चिमोत्तासन, दंडासन, सभी आसन हदय रोग से बचाव करते है ध्यान रखें तज्ञ व्यक्ती सलाह से करें।

सदा खुश रहें : - अपने हदय को स्वस्थ रखना है तो सदा खुश रहें हसते, मुस्कुराते रहें तनाव मुक्त रहनेका प्रयास करें।

आवश्यक नींद : - हमें 6 ते 8 घंटे की नींद लेना अवश्यक है अच्छी नींद हूई तो रक्त चाप कम होता है नींद के समय कोशिकाएं खुदकी मरम्मत करती है।

वजन नियंत्रित रखे : - अपने वजन को जादा बढ़ने न दें जादा वजन होने सें हृदय रोग, हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल  बढ़ने की आशंकायें होती है।

ट्रायग्लिसरायड्स 180 और कोलेस्ट्रॉल 200 है तो
तज्ञ डॉक्टर से सीटी स्कैन कराये और उच्चीत दवा का सेवन करें  रक्तकोशिकाओं में ब्लॉकेज तयार करनें का यही कारण होते है।




हृदय रोग में क्या खाना चाहिए ? 
What Should be Eaten in Heart Disease?

ड्राई फ्रूट = अपने रोज के आहार में ड्राई फ्रूट का सेवन आवश्यक उत्तना करें  जैसे बादाम 

सब्जियां और फल - हरी सब्जियां फल का सेवन हृदय के स्वास्थ्य के लिए बहूत अच्छा है। सब्जियों और फलो में फाइबर, विटामिन और खनिज होते है ।  हरीसब्जी में और फल् में  फैट, कैलोरी, सोडियम और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है में इसलिए सब्जियों का सेवन और फल का सेवन जादा अपने आहार में करें।

मोटा अनाज :-  अच्छा पोषक तत्व और अच्छा फायबर मोटे अनाज में होता है जैसे ज्वार, बाजरी, और कूछ मिलेट है उसका उपयोग करना चाहिएें।



हृदय रोग में क्या नही खाना चाहिए ? 
Foods to Avoid in Heart Disease

1) चीनी नमक आपने खाने का स्वाद बढाता है पर उसका उच्चीत मात्रा में सेवन करना चाहिएें चीनी में सोडीयम जादा होने सें  उच्च रक्तचाप को बढावा देती है। 

2) मटण, मछाली,चिकन में कई पोषक तत्व होते है पर लाल मीठ में सेचुरेटेड फैट  होता है उसके सेवन जादा करने से बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। हमारे सेहत पर असर करता है।

3) जादा लंबे समय तक पैकेट में बंद वाले प्रोडक्ट का सेवन कम करे उनमें ट्रांस फैट का प्रमाण होता है जो हदय रोग बढ़ाता है।

4) अंडे की जर्दी में सेचुरेटेड फैट होता है इसलिए उसके सेवन सें कोलेस्ट्रॉल का प्रमाण बढ़ता है 

"What Is Heart Disease @ Solution Hindi "

हमने जो भी जानकारी हदय और हदयरोग के बारे में दि है उसमें अगर कुछ गलत है तो हमें Comment करके बताई
हम उसमें बदलाव करेंगें या आपको सभी जानकारी और सुझाव अच्छे लगें तो हमे  Comment जरूर करें दोस्तों में Share करें।
आप सदा मुस्कूराते रहै सदा स्वस्थ रहै आपका दिल से धन्यवाद 

मजबूत लिव्हर मजबूत स्वास्थ Strong Liver Strong Health

Strong Liver Strong Health रू हेल्थकेअर में आपका चहे दिल से स्वागत है हम इस लेख में लिवर का स्वास्थ और कार्य इस विषय में महत्वपूर्ण जानकरी और सुझाव की चर्चा करेगें

कोरोना के समय से हम बहुत अस्वस्थ महसुस करने लगे है हमारी भागदौड वाली जिंदगी मे हर समय हम व्यस्त है खुदका खाय रखने में हमें समय कम मिलता है हमारा असमय खानपान की वजहसें भी हम बहुतसी बिमारीयोको आमंत्रित करते हैै।

हमारी व्यस्त कार्यशाली की वजह से हम अपने शरीर का खायल नही रखने से हमारे शरीर के महत्व पूर्ण अंगभी कार्य करने मे असक्षम होते है हम नियमित रूप से व्यायाम भी नही करते ऐसी समय हमारे शरीर को चलाने वाला जो लिवर है हम उसका भी खायाल नही रखते और खुदको भी दोष देते है और नई नई बिमारीयोसे जुड जाते है।

हमे अपने लिवर के बारे मे जानना चाहिए और उसे कैसे कार्यक्षम और हेल्दी रख सके उसका प्रयास करना चाहिए।

Strong Liver Strong Health
Strong Liver Strong Health


Strong Liver Strong Health

लिवर क्या है What is liver :-
लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है जैसे कोई भी गाडी ऊसके इंजन के सिवा चल नही सकती उसी तरह लिवर के सिवा हमारा शरीर चल नही सकता।

लिवर हमारे शरीर का इंजन है गाडी का इंजन अगर अच्छा है तो गाडी अच्छी है वह अच्छी तरह से दौडती है कार्य करती वैसेही हमारा लिवर अच्छा है तो हमारा स्वास्थ सही है। 'Strong Liver Strong Health'

लिवर हमारे पेट के राईट साईट के उपरी हिस्से मे  स्थित है पेट के सीधे हात पसली के निचे है लिवर हमारे पाचन क्रिया को संभालता है।
अगर हमारे लिवर मे गडबडी हूई तो हमारा सारा सिस्टम गडबड करता है।

हमारे खानपान अगर अच्छा है या समय नुसार है तो सब कूछ अच्छा है और गलत समय गलत खानपान है तो वह हमारे भितर बिमारीयोको आमंत्रित करता है इसलिए हमे लिवर का ध्यान रखना चाहिए।

लिवर का कार्य Liver function :-
हम जो भी भोजन करते है उसे सही ढंग से पचाने का कार्य करता है लिवर पित्त को निर्माण करता है और हमारे खाने को अच्छी तरह से पचाता है।

शरीर मे जो भी विषारी पदार्थ है उसे बाहर फेकने का काम करता है हम जो भी खाना या जो भी फल फूट खाते है उससे जो रस हमारे शरीर के लिए अच्छा है उसे हमारे अंदर रहने देता है जो विषारी द्रव हमारे अंदर है उसे बाहर निकाल देता है।


शरीर को उर्जा देने का कार्य लिवर करता है उर्जा को ग्लाईकोजन के रूप मे संरक्षित करता है लंबे समय तक भोजन नही करते तो बाहरी उर्जा हमे नही मिलती तब संरक्षित की गई उर्जा हमारे शरीर को चलाती है।

हार्मोन निर्माण करणे का कार्य लिवर करता है एस्ट्रोजन और थायराक्सिन हार्मोन बनाने कार्य करता है प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के मटाबोलिज्म को बढाता है।

लिवर को मजबूत करने के लिए हमे कुछ ध्यान रखना जरूरी है।
हमारे खानपान जिवनशैली मे बदलाव करना जरूरी है लिवर हमारे शरीर मे जो विषारी द्रव है वह बाहेर निकालने का कार्य करता है। Strong Liver Strong Health

हमे हमारे खानपान मे ऐसी चिज खाना चाहिए जो हमारे लिवर के कार्य मे मदत कर सके 

We should eat such things in our diet which can help in the functioning of our liver 

1) निंबू : - हमे निंबू का सेवन करना चाहिए निंबू मे डी लोमोमेन तत्व होता है वह लिवर के कौशिकाओ को सक्रिय करने मे मदत करता है।
नींबू विटामिन सी का एक अच्छा स्त्रोत है जिससे लिवर स्वस्थ रहता है




2) लहसुन : - लहसुन का सेवन लिवर का कार्य सुचारू रूप से करने मे मदत करता है तो लहसुन  डिटाक्सी फाईयर की तहर कार्य करता है।



3 ) हल्दी : - लिवर की कोशिकाये जो कमजोर है उसे अच्छा बनाने का कार्य करती है।



4 ) चुकंदर : - सलाद के रुप मे चुकंदर खाये या जुस बनाकर पिने से शरीर मे रक्त मात्रा बढाने मे मदत होती है चुकंदर मे बीटा कैरोटीन होता है जो लिवर को कार्य मे मदत होती है  चुकंदर सेवन से लिवर डैमेज होने से बचता है।



5 ) सेप : - सेप खाए या सेप का जुस बनाकर पिए सेप से शरीर मे विष बाहर फेकने की क्षमता है।



6 ) अखरोट : - अख़रोट में ओमेगा थ्री फैटी एसिड तथा ग्लूटाथिओन नामक तत्वों से भी भरपूर होता है इसलिए ये लीवर के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद होता है।
एमिनो एसिड की प्रचुर मात्रा पाई जाती है एमिनो एसिड शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को अलग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।



लिवर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ उपाय पालन जरूर करे :-
To keep the liver healthy follow some measures 

1 ) शारीरीक मजबूती : - हमारा शरीर हर समय मजबूत रहे ईसलिए हमे नियमित व्यायाम करना चाहिए समय नुसार सुबह श्याम घूमने जाना चहिए।
 
एक जगह जादा देर ना बैठे थोडा चलते रहे निंद पर्याप्त मात्र मे ले छ्ह घंटे निंद लेना जरूरी है शरीर को कार्यशिल बनाए रखे काम के साथ थोडा आराम देना भी जरूरी है।

2 ) नशा न करे : - नशा कर ना गलत है हमे शराब, सिगारेट, गांजा ( ड्रग्स ) सेवन न करे शराब के सेवन करने से हमारा लिवर डैमेज होता है।
सिगारेट ड्रग्स सेवन से शारीरीक मानसिक बिमारियों को आमंत्रित करने जैसा है हमे अपने शरीर स्वास्थ का ध्यान रखना चाहिए।
 शराब सिगारेट का सेवन करना गलत है सामान्य लोगो के तुलना मे शराब पिने वालो का लिवर डैमेज होता है।


3 ) शारीरीक स्वास्थ : - शारीरीक स्वास्थ का खायल रखे  नियमित व्यायाम, योग, योगासन, करे शरीर पर अतिरिक्त वसा ( चरबी ) मोटापा भी बढाती है लिवर के कार्यशैली को प्रभावीत करती है इससे फैटी लिवर जैसी समस्या निर्माण होती हैै। 

ताजी शुध्द हवा मेे सुबह श्याम घूमने जाऐ शारीरीक मानसिक स्वस्थ अच्छा रहता है व्यायाम योगासन करने से शरीर मजबूत रहता है।

4 ) जंक फूड : - जंक फूड का सेवन करता बंद करे या कम करे जंक फूड में शुगर की मात्रा जादा होती है पिज्जा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक का सेवन कम करे इसमें शुगर की मात्रा जादा होती है इनके जादा सेवन से लिवर को हानी होती हैै। 
जंक फूड का सेवन जादा करने से शरीर पैट मात्रा बढती है लिवर को रक्त से पैट अलग करने और पाचन करने मे अतिरिक्त कार्य करना पडता है। 
अतिरिक्त कार्य करने से लिवर डैमेज हो सकता है इस लिए जंक फूड का सेवन कम से कम करे। 

5 ) संतुलित आहार : - अपना आहार संतुलित रखना आवश्यक है फल हरी सब्जी या जादा खाये या फलो का जुस बनाकर पिये इससे लिवर को फायदा होता
सुबह के समय फलो का जुस पिये प्रोटीन, मिनरल, विटामिन जिसमे जादा है उसका सेवन सुबह के नास्ते मे करे। 
दुपहर एवंम रात्री के भोजन मे हरी सब्जी या दाल का सेवन करे। 

लिवर मजबूत करने के लिए घरेलू उपाय : -
Home remedies to strengthen the liver : -

1 ) पानी खूब पिऐ : - समय नुसार पानी उपयुक्त पानी पिएं लिवर को कार्यश्रम बनाने के लिए विषाक्त पदार्थ जो शरीर में है उसे बाहर निकालने के पानी उपयुक्त मात्र मे पिऐ।



2 ) दूध हल्दी : - गरम दूध में हल्दी डालकर पिने से लिवर कार्यश्रम होता हैै  हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व पाया जाता है जो लिवर के लिए काफी फायदेमंद होता है। 
हल्दी की एंटीऑक्सीडेंट संपत्ति शरीर में एक डिटॉक्स एजेंट के रूप में व्यवहार करके यकृत रोग के जोखिम को कम कर सकती है। 



3 ) व्यायाम : - योगासन, स्विमिंग, साइक्लिंग, हलका व्यायाम करे खानाखाने के बाद 100 कदम चलने से खाना अच्छी तरह से हजम होता है।



4 ) वजन नियंत्रण : - अपना वजन नियंत्रित रखने के लिए प्रयास करे।

5 ) खाने में हरी ताजी सब्जिया सलाद बनाकर खाये पालक, टमाटर, पत्ता, कोबी, गाजर, मुली, मेथी खाऐं।




6 ) ग्रीन टी : -  ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीवायरल, एंटीकैंसर, एंटीओबेसिटी और सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं जो लिवर को स्वस्थ रखते हैं। ये गुण लीवर की प्राकृतिक प्रक्रिया में मदद करते हैं, जो कि डिटॉक्सिफिकेशन है और फ्री रेडिकल्स से संभावित जोखिम को भी खत्म करता है और लीवर की बीमारियों से बचाते हैं।



7 ) जैतून का तेल :- कम प्रोसेस किए गए जैतून के तेल में एंटीइंफ्लेम्टरी गुण पाए जाते हैं जो लिवर के लिए फायदेमंद होते हैं।




 8 ) मेवे :- अखरोट, पिस्ता इत्यादि में ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स और पॉलीफेनॉल एंटीऑक्सीडेंट होता है जिससे लिवर को फायदा पहुंचता है। ये एंटीऑक्सिडेंट ऑक्सीकरण प्रक्रिया को कम करने में मदद करते हैं जो कई यकृत रोगों का कारण बनता है।



 9 ) कम वसा (मलाई ) वाले डेयरी उत्पाद: कम वसा वाले दूध और दही का सेवन करने से लिवर का स्वास्थ्य सुधरता है। यह लीवर में वसा के स्तर को कम कर सकता है, लीवर की क्षति को कम कर सकता है और रक्त में वसा को नियंत्रित कर सकता है।





 10) फिश :- फैटी फिश में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स होते हैं जो लिवर को सेहतमंद बनाते हैं। यह लिवर के लिपिड चयापचय को नियंत्रित करता है, लिवर के कार्य में सुधार करता है, सूजन को कम करता है और लिवर की बीमारियों को रोकने में सहायता कर सकता है। 




11) आवला लिवर के लिए रामबान है आवला पावडर खाये या रोजाना आवला ज्युस पिऐ।



12 ) एलोवेरा का जुस पिनेसे लिवर को फायदा होता है



13 ) अंगुर : - अंगुर खाना लिवर के लिए अच्छा है अंगुर से बना द्राक्षासव दवाई लिवर के लिए बहूत अच्छी है

"Strong Liver Strong Health"

 निष्कर्ष : -

लिवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है उसके स्वास्थ रहने से हमारा शरीर का स्वास्थ अच्छा रहता है हमारे खानपान हमारी जिवनशैली सुधारने से हमे अच्छा फायदा होता है भागदौड की जिंदगी मे थोडा समय अपने स्वास्थ के लिए देना जरूरी उससे दवाखाना जाने के चक्कर कम और पैसा भी बचता है।

अगर कोई डाईट प्लान में है या कोई बिमारीयों से परेशान तो डॉक्टर के सलाह नुसार अपनी उच्चीत दवाई ले और योगासन करें
हमने जो भी जानकारी लिवर और लिवर स्वास्थ के बारे में दि है उसमें अगर कुछ गलत है तो हमें Comment करके बताई
हम उसमें बदलाव करेंगें या आपको सभी जानकारी और सुझाव अच्छे लगें तो हमे  Comment जरूर करें
आप सदा मुस्कूराते रहै सदा स्वस्थ रहै आपका दिल से धन्यवाद 

FAQ
लिवर को ठीक करने के लिए कौन सा जूस पीना चाहिए?
मुली के पत्ता का काढा बनाऐ उस मे खडी शक्कर मिलाऐ और दिन मे तीन बार पिए तीन दिन एैसा काढा बनाऐ, चुकंदर का ज्युस पिए, ऐलोवेरा का ज्युस पिए
दूध मे हल्दी मिलाकर पिए।

लिवर को स्ट्रांग बनाने के लिए क्या खाएं ?
हरे पत्तेदार सब्जियां रोज सलाद मे खाए, बदाम और अखरोट का सेवन लिवर के लिए अच्छा है बदाम 4 / 5 रोज खाऐ, आवाला लिवर के लिए बहूत अच्छा है।